सूरह Ash-Shams, आयत 7

91:7

وَنَفۡسٖ وَمَا سَوَّىٰهَا ٧

और आत्मा की तथा उसके ठीक-ठाक बनाने की (क़सम)।

तफ़सीर

और हर आत्मा की क़सम खाई है तथा अल्लाह के उसे ठीक-ठाक बनाने की क़सम खाई है।