وَنَفۡسٖ وَمَا سَوَّىٰهَا ٧
और आत्मा की तथा उसके ठीक-ठाक बनाने की (क़सम)।
तफ़सीर
और हर आत्मा की क़सम खाई है तथा अल्लाह के उसे ठीक-ठाक बनाने की क़सम खाई है।
وَنَفۡسٖ وَمَا سَوَّىٰهَا ٧
और आत्मा की तथा उसके ठीक-ठाक बनाने की (क़सम)।
और हर आत्मा की क़सम खाई है तथा अल्लाह के उसे ठीक-ठाक बनाने की क़सम खाई है।