सूरह Ash-Shams, आयत 8

91:8

فَأَلۡهَمَهَا فُجُورَهَا وَتَقۡوَىٰهَا ٨

फिर उसके दिल में उसकी बुराई और उसकी परहेज़गारी (की समझ) डाल दी।2

फ़ुटनोट

2 (7-8) इन आयतों में कहा गया है कि अल्लाह ने इनसान को शारीरिक और बौद्धिक शक्तियाँ देकर बस नहीं किया, बल्कि उसने पाप और पुण्य का स्वभाविक ज्ञान देकर नबियों को भी भेजा। और वह़्य (प्रकाशना) द्वारा पाप और पुण्य के सभी रूप समझा दिए। जिसकी अंतिम कड़ी क़ुरआन, और अंतिम नबी मुह़म्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम हैं।

तफ़सीर

फिर उसे किसी शिक्षा के बिना ही यह समझा दिया कि क्या बुरा है ताकि उससे बचे और क्या अच्छा है ताकि उसे करे।