सूरह Ar-Rum, आयत 32

30:32

مِنَ ٱلَّذِينَ فَرَّقُواْ دِينَهُمۡ وَكَانُواْ شِيَعٗاۖ كُلُّ حِزۡبِۭ بِمَا لَدَيۡهِمۡ فَرِحُونَ ٣٢

उन लोगों में से जिन्होंने अपने धर्म को टुकड़े-टुकड़े कर दिया, और कई गिरोह हो गए। प्रत्येक गिरोह उसी12 पर खुश है, जो उसके पास है।

फ़ुटनोट

12 वह समझता है कि मैं ही सत्य पर हूँ और उन्हें तथ्य की कोई चिंता नहीं।

तफ़सीर

उन मुश्रिकों में से न हो जाओ, जिन्होंने अपने धर्म को बदल दिया और उसके कुछ भाग पर ईमान लाए और कुछ का इनकार किया और वे कई समूहों और दलों में बँट गए। उनमें से प्रत्येक दल, उसके पास जो असत्य है, उसी पर खुश है। वे समझते हैं कि वही अकेले सत्य पर हैं और उनके सिवा अन्य लोग असत्य पर हैं।