सूरह Ar-Rum, आयत 31

30:31

۞ مُنِيبِينَ إِلَيۡهِ وَٱتَّقُوهُ وَأَقِيمُواْ ٱلصَّلَوٰةَ وَلَا تَكُونُواْ مِنَ ٱلۡمُشۡرِكِينَ ٣١

उसी (अल्लाह) की ओर पलटते हुए, और उससे डरो तथा नमाज़ क़ायम करो और मुश्रिकों में से न हो जाओ।

तफ़सीर

अपने गुनाहों से तौबा करके उसी महिमावान अल्लाह की ओर लौट आओ। तथा उसके आदेशों का पालन करके और निषेधों से दूर रहकर उससे डरते रहो। और संपूर्ण तरीक़े से नमाज़ पढ़ो। और उन मुश्रिकों में से न हो जाओ, जो सहज प्रकृति का विरोध करते हैं। इसलिए वे अपनी इबादत में अल्लाह के साथ दूसरों को साझी ठहराते हैं।