सूरह Al-Waqi'ah, आयत 78

56:78

فِي كِتَٰبٖ مَّكۡنُونٖ ٧٨

एक छिपाकर रखी हुई7 किताब में (अंकित) है।

फ़ुटनोट

7 इससे अभिप्राय 'लौह़े मह़फ़ूज़' है।

तफ़सीर

एक ऐसी किताब में अंकित है, जो लोगों की निगाहों से सुरक्षित है। और वह 'लौहे महफ़ूज़' है।