सूरह Al-Qiyamah, आयत 31

75:31

فَلَا صَدَّقَ وَلَا صَلَّىٰ ٣١

तो न उसने (सत्य को) माना और न नमाज़ पढ़ी।

तफ़सीर

काफ़िर ने न तो रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के लाए हुए संदेश को सत्य माना, और न सर्वशक्तिमान अल्लाह के लिए नमाज़ पढ़ी।