وَإِذَا مَرُّواْ بِهِمۡ يَتَغَامَزُونَ ٣٠
और जब वे उनके पास से गुज़रते, तो आपस में आँखों से इशारे किया करते थे।
तफ़सीर
और जब वे ईमान वालों के पास से गुज़रते, तो एक-दूसरे को मज़ाक़ और उपहास के तौर पर आँखों से इशारे करते थे।
وَإِذَا مَرُّواْ بِهِمۡ يَتَغَامَزُونَ ٣٠
और जब वे उनके पास से गुज़रते, तो आपस में आँखों से इशारे किया करते थे।
और जब वे ईमान वालों के पास से गुज़रते, तो एक-दूसरे को मज़ाक़ और उपहास के तौर पर आँखों से इशारे करते थे।