وَإِذَا ٱنقَلَبُوٓاْ إِلَىٰٓ أَهۡلِهِمُ ٱنقَلَبُواْ فَكِهِينَ ٣١
और जब अपने घर वालों की ओर लौटते, तो (मोमिनों के परिहास का) आनंद लेते हुए लौटते थे।
तफ़सीर
और जब वे अपने परिवारों में लौटते, तो वे अपने कुफ़्र और मोमिनों के परिहास का आनंद लेते हुए लौटते थे।