وَيۡلٞ يَوۡمَئِذٖ لِّلۡمُكَذِّبِينَ ٤٧
उस दिन झुठलाने वालों के लिए बड़ा विनाश है।
तफ़सीर
उस दिन, उन लोगों के लिए विनाश, यातना और क्षति है, जो क़ियामत के दिन अपने बदले का इनकार करने वाले हैं।
وَيۡلٞ يَوۡمَئِذٖ لِّلۡمُكَذِّبِينَ ٤٧
उस दिन झुठलाने वालों के लिए बड़ा विनाश है।
उस दिन, उन लोगों के लिए विनाश, यातना और क्षति है, जो क़ियामत के दिन अपने बदले का इनकार करने वाले हैं।