सूरह Al-Ma'idah, आयत 56

5:56

وَمَن يَتَوَلَّ ٱللَّهَ وَرَسُولَهُۥ وَٱلَّذِينَ ءَامَنُواْ فَإِنَّ حِزۡبَ ٱللَّهِ هُمُ ٱلۡغَٰلِبُونَ ٥٦

तथा जो कोई अल्लाह और उसके रसूल को और उन लोगों को दोस्त बनाए, जो ईमान लाए हैं, तो निश्चय अल्लाह का दल ही वे लोग हैं जो प्रभावी हैं।

तफ़सीर

जो कोई अल्लाह, उसके रसूल तथा मोमिनों से दोस्ती रखे और उनका समर्थन करे, वह अल्लाह के दल में से है। और अल्लाह का दल ही वे लोग हैं, जो विजयी रहने वाले हैं, क्योंकि अल्लाह उनका सहायक है।