सूरह Al-Ma'idah, आयत 119

5:119

قَالَ ٱللَّهُ هَٰذَا يَوۡمُ يَنفَعُ ٱلصَّٰدِقِينَ صِدۡقُهُمۡۚ لَهُمۡ جَنَّٰتٞ تَجۡرِي مِن تَحۡتِهَا ٱلۡأَنۡهَٰرُ خَٰلِدِينَ فِيهَآ أَبَدٗاۖ رَّضِيَ ٱللَّهُ عَنۡهُمۡ وَرَضُواْ عَنۡهُۚ ذَٰلِكَ ٱلۡفَوۡزُ ٱلۡعَظِيمُ ١١٩

अल्लाह कहेगा : यह वह दिन है कि सच्चों को उनका सच ही लाभ देगा। उन के लिए ऐसे बाग़ हैं, जिनके नीचे से नहरें बहती हैं, उनमें हमेशा-हमेशा के लिए रहने वाले हैं। अल्लाह उनसे प्रसन्न हो गया तथा वे अल्लाह से प्रसन्न हो गए, यही बहुत बड़ी सफलता है।

तफ़सीर

अल्लाह ईसा अलैहिस्सलाम से कहेगा : यह एक ऐसा दिन है जब सच्चे इरादों, कर्मों और बातों वालों को उनकी सच्चाई लाभ देगी। उनके लिए ऐसे बाग़ हैं, जिनके महलों तथा पेड़ों के नीचे से नहरें प्रवाहित हैं, वे उनमें सदा सर्वदा के लिए रहेंगे, उन्हें कभी मृत्यु नहीं आएगी। अल्लाह उनसे प्रसन्न होगा, अतः वह उनसे कभी नाराज़ नहीं होगा तथा वे शाश्वत आनंद प्राप्त होने के कारण अल्लाह से प्रसन्न होंगे। यह प्रतिफल और (अल्लाह का) उनसे प्रसन्न होना ही महान सफलता है, जिसके बराबर कोई सफलता नहीं।