ٱلَّذِي يُؤۡتِي مَالَهُۥ يَتَزَكَّىٰ ١٨
जो अपना धन देता है, ताकि वह पवित्र हो जाए।
तफ़सीर
जो गुनाहों से पवित्र होने के लिए अपना धन नेकी के रास्तों में ख़र्च करता है।
ٱلَّذِي يُؤۡتِي مَالَهُۥ يَتَزَكَّىٰ ١٨
जो अपना धन देता है, ताकि वह पवित्र हो जाए।
जो गुनाहों से पवित्र होने के लिए अपना धन नेकी के रास्तों में ख़र्च करता है।