فَوَجَدَا عَبۡدٗا مِّنۡ عِبَادِنَآ ءَاتَيۡنَٰهُ رَحۡمَةٗ مِّنۡ عِندِنَا وَعَلَّمۡنَٰهُ مِن لَّدُنَّا عِلۡمٗا ٦٥
तो उन दोनों ने हमारे बंदों में से एक बंदे24 को पाया, जिसे हमने अपने पास से दया प्रदान की थी और उसे अपने पास से एक ज्ञान सिखाया था।
फ़ुटनोट
24 इससे अभिप्रेत आदरणीय ख़ज़िर अलैहिस्सलाम हैं।
तफ़सीर
जब वे दोनों मछली गुम होने के स्थान पर पहुँचे, तो हमारे एक सदाचारी बंदे को पाया (जो कि ख़ज़िर अलैहिस्सलाम थे)। हमने उसे अपने पास से दया प्रदान की थी और उसे अपनी ओर से ऐसा ज्ञान सिखाया था, जिसे लोग नहीं जानते थे। और यह कहानी उसी ज्ञान पर आधारित है।