सूरह Al-Kahf, आयत 64

18:64

قَالَ ذَٰلِكَ مَا كُنَّا نَبۡغِۚ فَٱرۡتَدَّا عَلَىٰٓ ءَاثَارِهِمَا قَصَصٗا ٦٤

मूसा ने कहा : यही तो है, जो हम तलाश कर रहे थे। फिर वे दोनों अपने क़दमों के निशान देखते हुए वापस लौटे।

तफ़सीर

मूसा अलैहिस्सलाम ने अपने सेवक से कहा : यह वही है, जो हम चाहते थे। यही तो उस नेक बंदे के स्थान की निशानी है। फिर वे दोनों अपने पैरों के निशान देखते हुए वापस हुए; ताकि राह न भटकें, यहाँ तक कि चट्टान के पास पहुँच गए और वहाँ से मछली के प्रवेश की जगह तक पहुँचे।