सूरह Al-Isra, आयत 42

17:42

قُل لَّوۡ كَانَ مَعَهُۥٓ ءَالِهَةٞ كَمَا يَقُولُونَ إِذٗا لَّٱبۡتَغَوۡاْ إِلَىٰ ذِي ٱلۡعَرۡشِ سَبِيلٗا ٤٢

आप कह दें कि यदि अल्लाह के साथ दूसरे पूज्य (भी) होते, जैसा कि वे (मुश्रिक) कहते हैं, तो वे अर्श (सिंहासन) वाले (अल्लाह) की ओर (पहुँचने की) अवश्य कोई राह खोजते।25

फ़ुटनोट

25 ताकि उससे संघर्ष करके अपना प्रभुत्व स्थापित कर लें।

तफ़सीर

(ऐ रसूल) आप इन मुश्रिकों से कह दें : यदि अल्लाह के साथ और भी पूज्य होते, जैसा कि ये लोग झूठ बोलते और आरोप लगाते हुए कहते हैं, तो ये तथाकथित पूज्य अर्श वाले अल्लाह की ओर जाने का रास्ता खोजते, ताकि उसके राज्य पर अपना प्रभुत्व प्राप्त करने के लिए उसे पराजित करने का प्रयास करें और उसके लिए उससे झगड़ा करें।