وَلَقَدۡ صَرَّفۡنَا فِي هَٰذَا ٱلۡقُرۡءَانِ لِيَذَّكَّرُواْ وَمَا يَزِيدُهُمۡ إِلَّا نُفُورٗا ٤١
और हमने इस क़ुरआन में विभिन्न प्रकार से (तथ्यों का) वर्णन किया है, ताकि लोग शिक्षा ग्रहण करें, परन्तु इससे उनकी घृणा (सत्य से दूरी) ही में वृद्धि होती है।
तफ़सीर
हमने इस कुरआन में अहकाम (नियमों), उपदेशों और उदाहरणों को स्पष्ट रूप से बयान कर दिया है, ताकि लोग उनसे सीख प्राप्त करें। चुनाँचे जो उनके लिए लाभदायक है, उसपर चलें, तथा जो उनके लिए हानिकारक है, उसे छोड़ दें। तथ्य यह है कि जिन लोगों की फ़ितरत बदल गई है इससे उनके सत्य से दूरी और उसके प्रति घृणा ही में वृद्धि हुई है।