सूरह Al-Insan, आयत 26

76:26

وَمِنَ ٱلَّيۡلِ فَٱسۡجُدۡ لَهُۥ وَسَبِّحۡهُ لَيۡلٗا طَوِيلًا ٢٦

तथा रात के कुछ हिस्से में भी उसके लिए सजदा करें और लंबी रात तक उसकी पवित्रता का वर्णन करें।

तफ़सीर

और उसे रात की दो नमाज़ों : मग़रिब एवं इशा की नमाज़ों के ज़रिए याद करें, तथा इनके बाद भी उसके लिए जागकर नमाज़ पढ़ें।