وَلِلۡمُطَلَّقَٰتِ مَتَٰعُۢ بِٱلۡمَعۡرُوفِۖ حَقًّا عَلَى ٱلۡمُتَّقِينَ ٢٤١
तथा जिन स्त्रियों को तलाक़ दी गई है, उन्हें रीति के अनुसार कुछ न कुछ सामग्री देना आवश्यक है, डर रखने वालों पर यह हक़ (अनिवार्य) है।
तफ़सीर
तलाक़शुदा महिलाओं को, पति की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए रीति के अनुसार, कपड़ा या पैसा या अन्य चीज़ों के रूप में, कुछ न कुछ सामग्री देना चाहिए; ताकि तलाक़ के कारण उनके टूटे हुए दिलों की सांत्वना हो सके। यह हुक्म उन लोगों पर एक निश्चित (अनिवार्य) अधिकार है, जो अल्लाह से, उसके आदेशों का पालन करके और उसके निषेधों से बचकर, डरने वाले हैं।