सूरह Al-Baqarah, आयत 19

2:19

أَوۡ كَصَيِّبٖ مِّنَ ٱلسَّمَآءِ فِيهِ ظُلُمَٰتٞ وَرَعۡدٞ وَبَرۡقٞ يَجۡعَلُونَ أَصَٰبِعَهُمۡ فِيٓ ءَاذَانِهِم مِّنَ ٱلصَّوَٰعِقِ حَذَرَ ٱلۡمَوۡتِۚ وَٱللَّهُ مُحِيطُۢ بِٱلۡكَٰفِرِينَ ١٩

या8 आकाश से होने वाली वर्षा के समान, जिसमें कई अँधेरे हैं, तथा गरज और चमक है। वे कड़कने वाली बिजलियों के कारण मृत्यु के भय से अपनी उंगलियाँ अपने कानों में डाल लेते हैं और अल्लाह काफ़िरों को घेरे हुए है।

फ़ुटनोट

8 यह दूसरा उदाहरण भी दूसरे प्रकार के मुनाफ़िक़ों की दशा का है।

तफ़सीर

जहाँ तक उनके पानी के उदाहरण का संबंध है : तो वे संचित अंधकार, गरज और बिजली (चमक) वाले बादलों से होने वाली बहुत अधिक बारिश के समान हैं, जो कुछ लोगों पर उतरती है, तो वे सख़्त घबराहट से ग्रस्त हो जाते हैं, और कड़कने वाले वज्र की तीव्रता के कारण मृत्यु के भय से अपनी उंगलियों से अपने कानों को बंद कर लेते हैं। हालाँकि अल्लाह काफ़िरों को घेरे हुए है, वे उसे विवश नहीं कर सकते।