सूरह Al-Baqarah, आयत 137

2:137

فَإِنۡ ءَامَنُواْ بِمِثۡلِ مَآ ءَامَنتُم بِهِۦ فَقَدِ ٱهۡتَدَواْۖ وَّإِن تَوَلَّوۡاْ فَإِنَّمَا هُمۡ فِي شِقَاقٖۖ فَسَيَكۡفِيكَهُمُ ٱللَّهُۚ وَهُوَ ٱلسَّمِيعُ ٱلۡعَلِيمُ ١٣٧

फिर यदि वे उस जैसी चीज़ पर ईमान लाएँ, जिसपर तुम ईमान लाए हो, तो निश्चय वे मार्गदर्शन पा गए और यदि वे फिर जाएँ, तो वे मात्र विरोध में पड़े हुए हैं। अतः निकट ही अल्लाह तुझे उनके मुक़ाबले में काफ़ी हो जाएगा और वही सब कुछ सुनने वाला, सब कुछ जानने वाला है।

तफ़सीर

यदि यहूदी, ईसाई और अन्य काफ़िर तुम्हारे ईमान लाने की तरह ईमान लाएँ; तो उन्होंने उस सीधे मार्ग को पा लिया, जिसे अल्लाह ने पसंद किया है। लेकिन यदि वे सभी या कुछ नबियों को झुठलाकर ईमान से उपेक्षा करें, तो वे विरोध और शत्रुता में पड़े हुए हैं। इसलिए - ऐ नबी! - आप दुखी न हों, क्योंकि अल्लाह आपको उनके कष्ट से बचाने के लिए पर्याप्त हो जाएगा, आपकी उनकी बुराई से रक्षा करेगा और उनके खिलाफ आपकी मदद करेगा। क्योंकि वह उनकी बातों को सुनने वाला, और उनके इरादों और कार्यों को जानने वाला है।