सूरह Al-Baqarah, आयत 138

2:138

صِبۡغَةَ ٱللَّهِ وَمَنۡ أَحۡسَنُ مِنَ ٱللَّهِ صِبۡغَةٗۖ وَنَحۡنُ لَهُۥ عَٰبِدُونَ ١٣٨

अल्लाह का रंग67 ग्रहण करो और रंग में अल्लाह से बेहतर कौन है? और हम उसी की इबादत करने वाले हैं।

फ़ुटनोट

67 इसमें ईसाई धर्म की (बपतिस्मा) की परंपरा का खंडन है। ईसाइयों ने पीले रंग का जल बना रखा था। जब कोई ईसाई होता या उनके यहाँ कोई शिशु जन्म लेता तो उसमें स्नान करा के ईसाई बनाते थे। अल्लाह के रंग से अभिप्राय एकेश्वरवाद पर आधारित स्वभाविक धर्म इस्लाम है। (तफ़्सीर क़ुर्तुबी)

तफ़सीर

अल्लाह के उस धर्म पर बाहरी और आंतरिक रूप से जमे रहो, जिसपर उसने तुम्हें पैदा किया है। क्योंकि अल्लाह के धर्म से बेहतर कोई धर्म नहीं। क्योंकि वह प्रकृति के अनुकूल है, हितों को लाने वाला और अहितों को रोकने वाला है। तथा कहो : हम केवल अल्लाह की इबादत करने वाले हैं, हम उसके साथ किसी दूसरे को साझी नहीं बनाते।