सूरह Al-A'raf, आयत 105

7:105

حَقِيقٌ عَلَىٰٓ أَن لَّآ أَقُولَ عَلَى ٱللَّهِ إِلَّا ٱلۡحَقَّۚ قَدۡ جِئۡتُكُم بِبَيِّنَةٖ مِّن رَّبِّكُمۡ فَأَرۡسِلۡ مَعِيَ بَنِيٓ إِسۡرَٰٓءِيلَ ١٠٥

मेरे लिए यही योग्य है कि अल्लाह पर सत्य के अतिरिक्त कोई बात न कहूँ। मैं तुम्हारे पास तुम्हारे पालनहार की ओर से एक खुला प्रमाण लाया हूँ। इसलिए बनी इसराई41 को मेरे साथ भेज दे।

फ़ुटनोट

41 बनी इसराईल यूसुफ़ अलैहिस्सलाम के युग में मिस्र आए थे। चार सौ वर्ष का युग बड़े आदर के साथ व्यतीत किया। फिर उनके कुकर्मों के कारण फ़िरऔन और उसकी जाति ने उनको अपना दास बना लिया। जिसके कारण मूसा (अलैहिस्सलाम) ने बनी इसराईल को मुक्त करने की माँग की। (इब्ने कसीर)

तफ़सीर

मूसा ने कहा : चूँकि मैं अल्लाह की ओर से भेजा गया हूँ, इसलिए मैं उसके बारे में सत्य के अलावा कुछ भी कहने के योग्य नहीं हूँ। निश्चय मैं तम्हारे पास एक स्पष्ट प्रमाण लेकर आया हूँ, जो मेरे सच्चे होने और मेरे अपने पालनहार की ओर से तुम्हारे पास भेजे हुए (रसूल) होने को दर्शाता है। अतः बनी इसराईल को क़ैद तथा उत्पीड़न से आज़ाद करके मेरे साथ जाने दे।