सूरह Al-Anbiya, आयत 95

21:95

وَحَرَٰمٌ عَلَىٰ قَرۡيَةٍ أَهۡلَكۡنَٰهَآ أَنَّهُمۡ لَا يَرۡجِعُونَ ٩٥

तथा जिस बस्ती को हम विनष्ट40 कर दें, उसके लिए असंभव है कि वह फिर (संसार में) लौट आए।

फ़ुटनोट

40 अर्थात उसके वासियों के दुराचार के कारण।

तफ़सीर

जिस बस्ती के लोगों को हम उनके कुफ़्र के कारण नष्ट कर दें, उनके लिए यह असंभव कि वे इस दुनिया में लौटें; ताकि वे तौबा कर लें और उनकी तौबा स्वीकार कर ली जाए।