حَتَّىٰٓ إِذَا فُتِحَتۡ يَأۡجُوجُ وَمَأۡجُوجُ وَهُم مِّن كُلِّ حَدَبٖ يَنسِلُونَ ٩٦
यहाँ तक कि जब याजूज और माजूज41 खोल दिए जाएँगे और वे प्रत्येक ऊँची जगह से दौड़ते हुए आएँगे।
फ़ुटनोट
41 याजूज तथा माजूज के विषय में देखिए : सूरतुल-कह्फ, आयत : 93 से 100 तक का अनुवाद।
तफ़सीर
वे दोबारा कभी नहीं लौटेंगे, यहाँ तक कि जब याजूज और माजूज का बाँध खोल दिया जाएगा और वे उस दिन धरती के हर ऊँचे स्थान से तेज़ी से दौड़ते हुए आएँगे।