सूरह Al-'Alaq, आयत 19

96:19

كَلَّا لَا تُطِعۡهُ وَٱسۡجُدۡۤ وَٱقۡتَرِب۩ ١٩

कदापि नहीं, आप उसकी बात न मानें, (बल्कि) सजदा करें और (अल्लाह के) निकट हो जाएँ।5

फ़ुटनोट

5 (19) इस में नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम और आपके माध्यम से साधारण मुसलमानों को निर्देश दिया गया है कि सहनशीलता के साथ किसी धमकी पर ध्यान न देते हुए नमाज़ अदा करते रहो ताकि इसके द्वारा तुम अल्लाह के समीप हो जाओ।

तफ़सीर

मामला वैसा नहीं है, जैसा इस ज़ालिम ने समझ रखा है कि वह आपको कोई नुक़सान पहुँचा सकता है। अतः आप उसके किसी आदेश या निषेध को न मानें, बल्कि अल्लाह को सजदा करें और आज्ञाकारिता के कार्यों के द्वारा उसके निकट हो जाएँ, क्योंकि वे उससे निकट कर देती हैं।