هُوَ ٱلَّذِي يُصَلِّي عَلَيۡكُمۡ وَمَلَٰٓئِكَتُهُۥ لِيُخۡرِجَكُم مِّنَ ٱلظُّلُمَٰتِ إِلَى ٱلنُّورِۚ وَكَانَ بِٱلۡمُؤۡمِنِينَ رَحِيمٗا ٤٣
वही है, जो तुमपर दया अवतरित करता है और उसके फ़रिश्ते भी (तुम्हारे लिए प्रार्थना करते हैं), ताकि वह तुम्हें अँधेरों से निकाल कर प्रकाश30 की ओर लाए। तथा वह ईमान वालों पर बहुत दयालु है।
फ़ुटनोट
30 अर्थात अज्ञानता तथा कुपथ से, इस्लाम के प्रकाश की ओर।
तफ़सीर
वही है, जो तुमपर दया करता है और तुम्हारी प्रशंसा करता है, तथा उसके फ़रिश्ते भी तुम्हारे लिए दुआ करते हैं, ताकि वह तुम्हें कुफ़्र के अँधेरों से निकाल कर ईमान के प्रकाश की ओर लाए। और वह ईमान वालों पर बहुत दयालु है। अतः यदि वे उसकी बात मानते हुए, उसके आदेश का पालन करें और उसके निषेध से बचें, तो वह उन्हें यातना नहीं देता है।