रमज़ान 2026
संभावित तारीख़
बुधवार, 18 फ़रवरी 2026
1 रमज़ान 1447 हिजरी
गुरुवार, 19 मार्च 2026 तक
तारीख़ें सऊदी अरब के उम्म उल-क़ुरा कैलेंडर के अनुसार हैं। जहाँ महीना स्थानीय चाँद देखकर शुरू होता है, वहाँ तारीख़ एक दिन आगे या पीछे हो सकती है।
रमज़ान हिजरी कैलेंडर का नौवाँ महीना और फ़र्ज़ रोज़ों का महीना है। मुसलमान 29 या 30 दिन तक हर दिन फ़ज्र से सूरज डूबने तक रोज़ा रखते हैं, और इसी महीने में क़ुरआन उतरना शुरू हुआ।
क़ुरआन और सुन्नत से
- पूरे महीने हर दिन फ़ज्र से सूरज डूबने तक रोज़ा रखें। (क़ुरआन 2:183)
- ईमान के साथ और सवाब की उम्मीद में रात की नमाज़ (तरावीह) पढ़ें। (बुख़ारी और मुस्लिम)
- फ़ज्र से पहले सहरी करें, क्योंकि सहरी में बरकत है। (बुख़ारी और मुस्लिम)
- क़ुरआन पढ़ें और खुलकर सदक़ा करें, जैसे नबी ﷺ रमज़ान में करते थे। (बुख़ारी और मुस्लिम)
हदीस
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: «مَنْ صَامَ رَمَضَانَ إِيمَانًا وَاحْتِسَابًا غُفِرَ لَهُ مَا تَقَدَّمَ مِنْ ذَنْبِهِ» अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु से वर्णित है, उन्होंने कहा : अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "जिसने ईमान के साथ और नेकी की आशा मन में लिए हुए, रमज़ान के रोज़े रखे, उसके पिछले सारे गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं।"
व्याख्या
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि जिसने अल्लाह पर विश्वास रखते हुए, रोज़े के फ़र्ज़ होने तथा रोज़ेदारों को मिलने वाले विशाल प्रतिफल की पुष्टि करते हुए, अल्लाह की प्रसन्नता की प्राप्ति के लिए और दिखावे से बचते हुए रमज़ान के रोज़े रखे, उसके गुनाह क्षमा कर दिए जाते हैं।
عن أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ: قَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «تَسَحَّرُوا، فَإِنَّ فِي السَّحُورِ بَرَكَةً». अनस बिन मालिक -रज़ियल्लाहु अनहु- का वर्णन है, वह कहते हैं कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "तुम लोग सहरी खाया करो, क्योंकि सहरी में बरकत है।"
व्याख्या
अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने सहरी करने के लिए प्रेरित किया है। सहरी कहते हैं रोज़े की तैयारी के तौर पर रात के अंतिम भाग में खाने को। प्रेरित करने का कारण यह है कि उसमें बड़ा प्रतिफल तथा सवाब, रात के अंतिम भाग में दुआ के लिए जागने, रोज़ा रखने की शक्ति प्राप्त करने, अपने अंदर रोज़े के लिए चुस्ती पैदा करने और रोज़े की मशक़्क़त को कम करने जैसी चीज़ें पाई जाती हैं।
عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ رضي الله عنهما قَالَ: كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَجْوَدَ النَّاسِ، وَكَانَ أَجْوَدُ مَا يَكُونُ فِي رَمَضَانَ حِينَ يَلْقَاهُ جِبْرِيلُ، وَكَانَ يَلْقَاهُ فِي كُلِّ لَيْلَةٍ مِنْ رَمَضَانَ فَيُدَارِسُهُ القُرْآنَ، فَلَرَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَجْوَدُ بِالخَيْرِ مِنَ الرِّيحِ المُرْسَلَةِ. अब्दुल्लाह बिन अब्बास रज़ियल्लाहु अनहुमा का वर्णन है, वह कहते हैं : अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम सब लोगों से ज़्यादा दानी थे। खासकर रमज़ान में जब जिबरील अलैहिस्सलाम से आपकी मुलाक़ात होती तो और अधिक दानी हो जाते। जिबरील अलैहिस्सलाम रमज़ान में हर रात आपसे मुलाक़ात करते और आप को क़ुरआन मजीद का दौर फ़रमाते। ऐसे में, अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम सदक़ा करने में आंधी से भी ज़्यादा द्रुतगामी हो जाते थे।
व्याख्या
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम दुनिया के सबसे दानशील इन्सान थे और आपकी दानशीलता रमज़ान महीने में और ज़्यादा बढ़ जाती थी। जिसको जो दिया जाना चाहिए, इस माह में आप ख़ूब देते थे। वैसे, इसके दो कारण थे : 1- जिब्रील से आप की मुलाक़ात होते रहना। 2- क़ुरआन का दौर करना। यानी उसे ज़बानी पढ़ना। जिब्रील आपके साथ क़ुरआन के उतरे हुए पूरे भाग को दोहराया करते थे और इस दौरान अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम लोगों को देने, दान करने, नेकी के काम करने और लोगों का उपकार करने में उस सुखद वायु से भी अधिक तेज़ हुआ करते थे, जिसे अल्लाह बारिश और दया के साथ भेजता है।
यह भी देखें
दूसरे साल
दूसरे मौक़े
इस्लामी नया साल 2026आशूरा 2026शब-ए-मेराज 2026शब-ए-क़द्र 2026ईद उल-फ़ित्र 2026अरफ़ा का दिन 2026ईद उल-अज़हा 2026 इस्लामी कैलेंडर 1447 हिजरी
सवाल-जवाब
रमज़ान 2026 कब है?
रमज़ान 2026 संभावित रूप से बुधवार, 18 फ़रवरी 2026 को शुरू होगा, जो उम्म उल-क़ुरा कैलेंडर में 1 रमज़ान 1447 हिजरी है।
क्या रमज़ान की तारीख़ पक्की है?
नया चाँद दिखने तक नहीं। बहुत से देश महीने की शुरुआत का एलान एक शाम पहले करते हैं, इसलिए तारीख़ एक दिन आगे पीछे हो सकती है।
रमज़ान कितने दिन का होता है?
रमज़ान 29 या 30 दिन का होता है। शव्वाल का चाँद दिखने पर यह ख़त्म होता है, और अगले दिन ईद उल-फ़ित्र होती है।