शब-ए-क़द्र 2026
संभावित तारीख़
मंगलवार, 10 मार्च 2026
21 रमज़ान 1447 हिजरी
रात सोमवार, 9 मार्च 2026 को सूरज डूबने से शुरू होती है।
गुरुवार, 19 मार्च 2026 तक
तारीख़ें सऊदी अरब के उम्म उल-क़ुरा कैलेंडर के अनुसार हैं। जहाँ महीना स्थानीय चाँद देखकर शुरू होता है, वहाँ तारीख़ एक दिन आगे या पीछे हो सकती है।
शब-ए-क़द्र, यानी क़द्र की रात, हज़ार महीनों से बेहतर है। यह रमज़ान की आख़िरी दस रातों में से एक है, ज़्यादा संभावना किसी ताक़ रात की है, और इसकी पक्की तारीख़ मालूम नहीं। बहुत से मुसलमान 27वीं रात पर ख़ास ध्यान देते हैं।
आख़िरी दस की ताक़ रातें
| रात | सूरज डूबने पर शुरू |
|---|---|
| 21 रमज़ान | सोमवार, 9 मार्च 2026 |
| 23 रमज़ान | बुधवार, 11 मार्च 2026 |
| 25 रमज़ान | शुक्रवार, 13 मार्च 2026 |
| 27 रमज़ान | रविवार, 15 मार्च 2026 |
| 29 रमज़ान | मंगलवार, 17 मार्च 2026 |
क़ुरआन और सुन्नत से
- इसे रमज़ान की आख़िरी दस रातों की ताक़ रातों में तलाश करें। (बुख़ारी)
- उस रात ईमान के साथ और सवाब की उम्मीद में नमाज़ पढ़ें। (बुख़ारी और मुस्लिम)
- आख़िरी दस रातों में और ज़्यादा इबादत करें और अपने घरवालों को नमाज़ के लिए जगाएँ। (बुख़ारी और मुस्लिम)
- अल्लाह से माफ़ी माँगें, उस दुआ से जो नबी ﷺ ने आयशा (रज़ियल्लाहु अन्हा) को सिखाई: اللَّهُمَّ إِنَّكَ عَفُوٌّ تُحِبُّ الْعَفْوَ فَاعْفُ عَنِّي (तिर्मिज़ी)
हदीस
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: «مَنْ يَقُمْ لَيْلَةَ الْقَدْرِ إِيمَانًا وَاحْتِسَابًا غُفِرَ لَهُ مَا تَقَدَّمَ مِنْ ذَنْبِهِ» अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु से वर्णित है, उन्होंने कहा : अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "जो ईमान के साथ और नेकी की आशा मन में लिए हुए, लैलतुल क़द्र (सम्मानित रात्रि) में कयाम करता है, उसके पिछले सारे गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं।"
व्याख्या
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम रमज़ान मास की अंतिम दस रातों में से किसी एक रात में विद्यमान लैलतुल क़द्र (सम्मानित रात्रि) की फ़ज़ीलत बता रहे हैं। आप बता रहे हैं कि जिसने इस रात तथा इसकी फ़ज़ीलत पर विश्वास रखते हुए, अल्लाह की ओर से मिलने वाले प्रतिफल की आशा रखते हुए और दिखावे से बचते हुए इस रात में जाग कर इबादत की, मसलन नमाज़ पढ़ी, दुआ की, क़ुरआन की तिलावत की और अज़कार पढ़े, उसके पिछले गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं।
عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ: «تَحَرَّوْا لَيْلَةَ القَدْرِ فِي الوِتْرِ مِنَ العَشْرِ الأَوَاخِرِ مِنْ رَمَضَانَ». आइशा -रज़ियल्लाहु अनहा- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "शब-ए-क़द्र को (रमज़ान के) अंतिम दस दिनों की विषम रातों में तलाश करो।"
व्याख्या
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अधिक से अधिक नेकी के कामों के साथ लैलतुल क़द्र (सम्मानित रात्रि) को तलाश करने की कोशिश करने की प्रेरणा दी है। लैलतुल क़द्र के बारे में इसकी ज़्यादा आशा है कि वह रमज़ान के अंतिम दस दिनों की विषम रातों यानी इक्कीसवीं, तेईसवीं, पच्चीसवीं, सत्ताईसवीं और उनतीसवीं रातों में से किसी एक रात में हुआ करती है।
عَنْ عَائِشَةَ أُمِّ المُؤْمِنينَ رَضِيَ اللهُ عَنْهَا قَالَتْ: كَانَ رَسُولُ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا دَخَلَ الْعَشْرُ أَحْيَا اللَّيْلَ، وَأَيْقَظَ أَهْلَهُ، وَجَدَّ وَشَدَّ الْمِئْزَرَ. मुसलमानों की माता आइशा -रज़ियल्लाहु अनहा- का वर्णन है, वह कहती हैं : जब रमज़ान के अंतिम दस दिन आते, तो अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- रातों को जागते, अपने घर के लोगों को जगाते, ख़ूब इबादतें करते और कमर कस लेते।
व्याख्या
जब रमज़ान की अंतिम दस रातें आतीं, तो नबी सल्लल्लाहु अलैहि रात-रात भर विभिन्न प्रकार की इबादतें करते रहते और अपने घर वालों को भी नमाज़ के लिए जगाते, आम दिनों की तुलना में इबादत में अपने आप को अधिक लगाते अथा खुद को उसके लिए समर्पित कर देते और अपनी पत्नियों से अलग रहते।
यह भी देखें
दूसरे साल
शब-ए-क़द्र 2027शब-ए-क़द्र 2028
दूसरे मौक़े
इस्लामी नया साल 2026आशूरा 2026शब-ए-मेराज 2026रमज़ान 2026ईद उल-फ़ित्र 2026अरफ़ा का दिन 2026ईद उल-अज़हा 2026 इस्लामी कैलेंडर 1447 हिजरी
सवाल-जवाब
शब-ए-क़द्र 2026 कब है?
शब-ए-क़द्र 2026 की रात संभावित रूप से सोमवार, 9 मार्च 2026 को सूरज डूबने से शुरू होगी, जो उम्म उल-क़ुरा कैलेंडर में 21 रमज़ान 1447 हिजरी से पहले की शाम है।
क्या शब-ए-क़द्र की तारीख़ पक्की है?
नया चाँद दिखने तक नहीं। बहुत से देश महीने की शुरुआत का एलान एक शाम पहले करते हैं, इसलिए तारीख़ एक दिन आगे पीछे हो सकती है।
शब-ए-क़द्र कौन सी रात है?
पक्की रात कोई नहीं जानता। नबी ﷺ ने इसे आख़िरी दस की ताक़ रातों में तलाश करने को कहा: 21वीं, 23वीं, 25वीं, 27वीं और 29वीं।