शब-ए-क़द्र 2027

संभावित तारीख़

रविवार, 28 फ़रवरी 2027

21 रमज़ान 1448 हिजरी

रात शनिवार, 27 फ़रवरी 2027 को सूरज डूबने से शुरू होती है।

सोमवार, 8 मार्च 2027 तक

तारीख़ें सऊदी अरब के उम्म उल-क़ुरा कैलेंडर के अनुसार हैं। जहाँ महीना स्थानीय चाँद देखकर शुरू होता है, वहाँ तारीख़ एक दिन आगे या पीछे हो सकती है।

शब-ए-क़द्र, यानी क़द्र की रात, हज़ार महीनों से बेहतर है। यह रमज़ान की आख़िरी दस रातों में से एक है, ज़्यादा संभावना किसी ताक़ रात की है, और इसकी पक्की तारीख़ मालूम नहीं। बहुत से मुसलमान 27वीं रात पर ख़ास ध्यान देते हैं।

आख़िरी दस की ताक़ रातें

रातसूरज डूबने पर शुरू
21 रमज़ानशनिवार, 27 फ़रवरी 2027
23 रमज़ानसोमवार, 1 मार्च 2027
25 रमज़ानबुधवार, 3 मार्च 2027
27 रमज़ानशुक्रवार, 5 मार्च 2027
29 रमज़ानरविवार, 7 मार्च 2027

क़ुरआन और सुन्नत से

हदीस

عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: «مَنْ يَقُمْ لَيْلَةَ الْقَدْرِ إِيمَانًا وَاحْتِسَابًا غُفِرَ لَهُ مَا تَقَدَّمَ مِنْ ذَنْبِهِ»
अबू हुरैरा रज़ियल्लाहु अनहु से वर्णित है, उन्होंने कहा : अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया : "जो ईमान के साथ और नेकी की आशा मन में लिए हुए, लैलतुल क़द्र (सम्मानित रात्रि) में कयाम करता है, उसके पिछले सारे गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं।"
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है · स़ह़ीह़
व्याख्या

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम रमज़ान मास की अंतिम दस रातों में से किसी एक रात में विद्यमान लैलतुल क़द्र (सम्मानित रात्रि) की फ़ज़ीलत बता रहे हैं। आप बता रहे हैं कि जिसने इस रात तथा इसकी फ़ज़ीलत पर विश्वास रखते हुए, अल्लाह की ओर से मिलने वाले प्रतिफल की आशा रखते हुए और दिखावे से बचते हुए इस रात में जाग कर इबादत की, मसलन नमाज़ पढ़ी, दुआ की, क़ुरआन की तिलावत की और अज़कार पढ़े, उसके पिछले गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं।

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عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ: «تَحَرَّوْا لَيْلَةَ القَدْرِ فِي الوِتْرِ مِنَ العَشْرِ الأَوَاخِرِ مِنْ رَمَضَانَ».
आइशा -रज़ियल्लाहु अनहा- का वर्णन है कि अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमाया है : "शब-ए-क़द्र को (रमज़ान के) अंतिम दस दिनों की विषम रातों में तलाश करो।"
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है · स़ह़ीह़
व्याख्या

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अधिक से अधिक नेकी के कामों के साथ लैलतुल क़द्र (सम्मानित रात्रि) को तलाश करने की कोशिश करने की प्रेरणा दी है। लैलतुल क़द्र के बारे में इसकी ज़्यादा आशा है कि वह रमज़ान के अंतिम दस दिनों की विषम रातों यानी इक्कीसवीं, तेईसवीं, पच्चीसवीं, सत्ताईसवीं और उनतीसवीं रातों में से किसी एक रात में हुआ करती है।

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عَنْ عَائِشَةَ أُمِّ المُؤْمِنينَ رَضِيَ اللهُ عَنْهَا قَالَتْ: كَانَ رَسُولُ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا دَخَلَ الْعَشْرُ أَحْيَا اللَّيْلَ، وَأَيْقَظَ أَهْلَهُ، وَجَدَّ وَشَدَّ الْمِئْزَرَ.
मुसलमानों की माता आइशा -रज़ियल्लाहु अनहा- का वर्णन है, वह कहती हैं : जब रमज़ान के अंतिम दस दिन आते, तो अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- रातों को जागते, अपने घर के लोगों को जगाते, ख़ूब इबादतें करते और कमर कस लेते।
इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है · स़ह़ीह़
व्याख्या

जब रमज़ान की अंतिम दस रातें आतीं, तो नबी सल्लल्लाहु अलैहि रात-रात भर विभिन्न प्रकार की इबादतें करते रहते और अपने घर वालों को भी नमाज़ के लिए जगाते, आम दिनों की तुलना में इबादत में अपने आप को अधिक लगाते अथा खुद को उसके लिए समर्पित कर देते और अपनी पत्नियों से अलग रहते।

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यह भी देखें

दूसरे साल

दूसरे मौक़े

सवाल-जवाब

शब-ए-क़द्र 2027 कब है?

शब-ए-क़द्र 2027 की रात संभावित रूप से शनिवार, 27 फ़रवरी 2027 को सूरज डूबने से शुरू होगी, जो उम्म उल-क़ुरा कैलेंडर में 21 रमज़ान 1448 हिजरी से पहले की शाम है।

क्या शब-ए-क़द्र की तारीख़ पक्की है?

नया चाँद दिखने तक नहीं। बहुत से देश महीने की शुरुआत का एलान एक शाम पहले करते हैं, इसलिए तारीख़ एक दिन आगे पीछे हो सकती है।

शब-ए-क़द्र कौन सी रात है?

पक्की रात कोई नहीं जानता। नबी ﷺ ने इसे आख़िरी दस की ताक़ रातों में तलाश करने को कहा: 21वीं, 23वीं, 25वीं, 27वीं और 29वीं।