وَلَقَدۡ قَالَ لَهُمۡ هَٰرُونُ مِن قَبۡلُ يَٰقَوۡمِ إِنَّمَا فُتِنتُم بِهِۦۖ وَإِنَّ رَبَّكُمُ ٱلرَّحۡمَٰنُ فَٱتَّبِعُونِي وَأَطِيعُوٓاْ أَمۡرِي ٩٠
और निःसंदेह हारून उनसे पहले ही कह चुका था : ऐ मेरी जाति के लोगो! बात यह है कि इसके द्वारा तुम्हारी परीक्षा की गई है और निश्चय तुम्हारा पालनहार रहमान (अत्यंत दयावान् अल्लाह) ही है। अतः मेरा अनुसरण करो तथा मेरे आदेश का पालन करो।
तफ़सीर
तथा हारून अलैहिस्सलाम ने भी उनसे मूसा अलैहिस्सलाम के वापस आने से पहले कहा था : सोने से इस बछड़े का निर्माण और उसका राँभना तुम्हारे लिए एक परीक्षा के सिवा कुछ नहीं है ताकि ईमान वाला, काफिर से प्रकट हो जाए, और (ऐ मेरी क़ौम के लोगो!) निश्चय तुम्हारा पालनहार वह है, जो दया का मालिक है, न कि वह जो तुम्हें हानि या लाभ पहुँचाने का भी मालिक नहीं है, तुम पर दया करना तो बहुत दूर की बात है। अतः अकेले उसी की इबादत करने में मेरा अनुसरण करो तथा उसके अलावा दूसरों की उपासना को त्यागकर मेरी आज्ञा का पालन करो।