يَٰبَنِيٓ إِسۡرَٰٓءِيلَ قَدۡ أَنجَيۡنَٰكُم مِّنۡ عَدُوِّكُمۡ وَوَٰعَدۡنَٰكُمۡ جَانِبَ ٱلطُّورِ ٱلۡأَيۡمَنَ وَنَزَّلۡنَا عَلَيۡكُمُ ٱلۡمَنَّ وَٱلسَّلۡوَىٰ ٨٠
ऐ बनी इसराईल! निःसंदेह हमने तुम्हें तुम्हारे शत्रुओं से छुड़ाया और तुम्हें पर्वत के दाहिनी ओर22 का वचन दिया और तुमपर 'मन्न' और 'सल्वा' उतारा।23
फ़ुटनोट
22 अर्ताथ तुमपर तौरात उतारने के लिए।
23 मन्न तथा सल्वा के भाष्य के लिये देखिए : सूरतुल-बक़रा, आयत : 57
तफ़सीर
हमने बनी इसराईल से, उन्हें फ़िरऔन और उसकी सेना से बचाने के बाद कहा : ऐ इसराईल के पुत्रो! हमने तुम्हें तुम्हारे शत्रु से बचा लिया और “तूर” पर्वत के बगल में स्थित घाटी की दाहिनी ओर मूसा से बात करने का तुमसे वादा किया तथा तुमपर “तीह” के मैदान में अपनी नेमतों में से शहद-जैसा मीठा पेय और बटेर की तरह अच्छे मांस वाला छोटा-सा पक्षी उतारा।