وَأَضَلَّ فِرۡعَوۡنُ قَوۡمَهُۥ وَمَا هَدَىٰ ٧٩
और फ़िरऔन ने अपनी क़ौम को गुमराह किया और उन्हें सीधे रास्ते पर न चलाया।
तफ़सीर
फ़िरऔन ने अपनी जाति के लोगों को, उनके आगे कुफ़्र (अविश्वास) को सुंदर रूप में प्रस्तुत कर और उन्हें असत्य के जाल में फाँसकर पथभ्रष्ट किया तथा उन्हें सत्य का मार्ग नहीं दिखाया।