فَأۡتِيَاهُ فَقُولَآ إِنَّا رَسُولَا رَبِّكَ فَأَرۡسِلۡ مَعَنَا بَنِيٓ إِسۡرَٰٓءِيلَ وَلَا تُعَذِّبۡهُمۡۖ قَدۡ جِئۡنَٰكَ بِـَٔايَةٖ مِّن رَّبِّكَۖ وَٱلسَّلَٰمُ عَلَىٰ مَنِ ٱتَّبَعَ ٱلۡهُدَىٰٓ ٤٧
अतः तुम दोनों उसके पास जाओ और कहो : हम तेरे पालनहार के रसूल हैं। अतः तू हमारे साथ बनी इसराईल को भेज दे और उन्हें यातना न दे, निश्चय हम तेरे पास तेरे पालनहार की ओर से एक निशानी लेकर आए हैं और सलामती है उसके लिए, जो मार्गदर्शन का अनुसरण करे।
तफ़सीर
अतः तुम दोनों उसके पास जाओ और उससे कहो : ऐ फ़िरऔन! हम तेरे पालनहार के रसूल हैं। इसलिए बनी इसराईल (इसराईल की संतान) को हमारे साथ भेज दे और उनके बच्चों की हत्या करके और उनकी स्त्रियों को जीवित छोड़कर उन्हें पीड़ा न दे। निश्चय हम तेरे पास तेरे पालनहार की तरफ़ से अपने सच्चे होने का प्रमाण, तथा जो ईमान लाए और अल्लाह के मार्गदर्शन का पालन करे, उसके लिए अल्लाह की यातना से सुरक्षा (की खुशख़बरी) लेकर आए हैं।