सूरह Saba, आयत 30

34:30

قُل لَّكُم مِّيعَادُ يَوۡمٖ لَّا تَسۡتَـٔۡخِرُونَ عَنۡهُ سَاعَةٗ وَلَا تَسۡتَقۡدِمُونَ ٣٠

आप (उनसे) कह दें कि तुम्हारे लिए एक ऐसे दिन30 का वादा है कि न तुम उससे एक घड़ी पीछे रह सकोगे और न आगे बढ़ सकोगे।

फ़ुटनोट

30 अर्थात् प्रलय के दिन का।

तफ़सीर

(ऐ रसूल) आप यातना के लिए जल्दी मचाने वाले इन लोगों से कह दीजिए : तुम्हारे लिए एक विशिष्ट दिन का वादा है; उससे न एक घड़ी पीछे रह सकते हो और न उससे एक घड़ी आगे बढ़ सकते हो। और यह दिन क़ियामत का दिन है।