सूरह Saba, आयत 18

34:18

وَجَعَلۡنَا بَيۡنَهُمۡ وَبَيۡنَ ٱلۡقُرَى ٱلَّتِي بَٰرَكۡنَا فِيهَا قُرٗى ظَٰهِرَةٗ وَقَدَّرۡنَا فِيهَا ٱلسَّيۡرَۖ سِيرُواْ فِيهَا لَيَالِيَ وَأَيَّامًا ءَامِنِينَ ١٨

और हमने उनके बीच तथा उन बस्तियों के बीच, जिनमें हमने बरकत15 रखी थी, एक-दूसरे से दिखाई देने वाली बस्तियाँ बना दी थीं, तथा हमने उनमें यात्रा के पड़ाव16 निर्धारित कर दिए थे (और कह दिया था :) तुम उनमें रात-दिन निश्चिंत17 होकर चलो फिरो।

फ़ुटनोट

15 अर्थात सबा तथा शाम के बीच।

16 अर्थात एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा की सुविधा रखी थी।

17 शत्रु तथा भूख-प्यास से निर्भय हो कर।

तफ़सीर

और हमने यमन में सबा वालों के बीच और शाम की उन बस्तियों के बीच, जिनमें हमने बरकत रखी थी, पास-पास कुछ और बस्तियाँ बना दी थीं। और हमने उनमें यात्रा के पड़ाव इस प्रकार निर्धारित किए थे कि वे एक बस्ती से दूसरी बस्ती तक बिना किसी कष्ट के यात्रा करते थे यहाँ तक कि वे शाम पहुँच जाते थे। और हमने उनसे कहा था : तुम दुश्मन, भूख और प्यास से सुरक्षित होकर, रात या दिन में जितना चाहो चलो।