सूरह Qaf, आयत 43

50:43

إِنَّا نَحۡنُ نُحۡيِۦ وَنُمِيتُ وَإِلَيۡنَا ٱلۡمَصِيرُ ٤٣

निश्चय हम ही जीवन देते हैं और हम ही मारते हैं और हमारी ही ओर लौटकर आना है।

तफ़सीर

निश्चय हम ही जीवन देते हैं और हम ही मारते हैं। हमारे सिवा न कोई जीवन देने वाला है और न मारने वाला है। और बंदों को क़ियामत के दिन हिसाब और बदले के लिए केवल हमारी ही ओर लौटकर आना है।