ثُمَّ إِنِّيٓ أَعۡلَنتُ لَهُمۡ وَأَسۡرَرۡتُ لَهُمۡ إِسۡرَارٗا ٩
फिर निःसंदेह मैंने उन्हें उच्च स्वर में आमंत्रित किया और मैंने उन्हें चुपके-चुपके (भी) समझाया।
तफ़सीर
फिर मैंने उन्हें ऊँची आवाज़ में बुलाया, और गुप्त रूप से भी समझाया तथा उन्हें धीमे स्वर में भी आमंत्रित किया; मैंने उन्हें बुलाने की विविध शैली अपनाई।