सूरह Muhammad, आयत 10

47:10

۞ أَفَلَمۡ يَسِيرُواْ فِي ٱلۡأَرۡضِ فَيَنظُرُواْ كَيۡفَ كَانَ عَٰقِبَةُ ٱلَّذِينَ مِن قَبۡلِهِمۡۖ دَمَّرَ ٱللَّهُ عَلَيۡهِمۡۖ وَلِلۡكَٰفِرِينَ أَمۡثَٰلُهَا ١٠

तो क्या ये लोग धरती में चले-फिरे नहीं कि देखते कि उन लोगों का कैसा परिणाम हुआ जो इनसे पहले थे? अल्लाह ने उन्हें नष्ट कर दिया और इन काफ़िरों के लिए भी इसी के समान (यातनाएँ) हैं।

तफ़सीर

क्या ये झुठलाने वाले लोग धरती में चले-फिरे नहीं, ताकि वे सोच-विचार करते कि उनसे पहले झुठलाने वाले लोगों का अंत कैसा रहा? वास्तव में, वह एक दर्दनाक अंत था। अल्लाह ने उनके घरों को उनपर ध्वस्त कर दिया और इस तरह उसने उन्हें, उनके बाल-बच्चों और उनके धन को नष्ट कर दिया। तथा काफ़िरों के लिए हर समय और जगह में इसी तरह की सज़ाएँ हैं।