La taqnatu min rahmatillah

अनुवाद: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

۞ قُلۡ يَٰعِبَادِيَ ٱلَّذِينَ أَسۡرَفُواْ عَلَىٰٓ أَنفُسِهِمۡ لَا تَقۡنَطُواْ مِن رَّحۡمَةِ ٱللَّهِۚ إِنَّ ٱللَّهَ يَغۡفِرُ ٱلذُّنُوبَ جَمِيعًاۚ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلۡغَفُورُ ٱلرَّحِيمُ ٥٣

(ऐ नबी!) आप मेरे उन बंदों से कह दें, जिन्होंने अपने ऊपर अत्याचार किए हैं कि तुम अल्लाह की दया से निराश न हो।11 निःसंदेह अल्लाह सब पापों को क्षमा कर देता है। निःसंदेह वही तो अति क्षमाशील, अत्यंत दयावान् है।

फ़ुटनोट

11 नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास कुछ मुश्रिक आए जिन्होंने बहुत जानें मारीं और बहुत व्यभिचार किए थे। और कहा वास्तव में, आप जो कुछ कह रहे हैं वह बहुत अच्छा है। तो आप बताएँ कि हमने जो कुकर्म किए हैं उनके लिए कोई कफ़्फ़ारा (प्रायश्चित) है? उसी पर क़ुरआन की आयत 68 और यह आयत उतरी। (सह़ीह़ बुख़ारी : 4810)

तफ़सीर

(ऐ रसूल!) आप मेरे उन बंदों से कह दें, जिन्होंने अल्लाह के साथ शिर्क करके और गुनाहों में पड़कर अपने ऊपर अत्याचार किए हैं कि अल्लाह की दया और गुनाहों की माफ़ी से निराश न हों। अवश्य अल्लाह क्षमा याचना करने वालों के सारे पाप क्षमा कर देता है। निश्चय वह तौबा करने वालों के गुनाहों को क्षमा करने वाला और दयालु है।

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सवाल-जवाब

La taqnatu min rahmatillah क़ुरआन में कहां है?

La taqnatu min rahmatillah सूरह Az-Zumar, 39:53 में है।