इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन

अनुवाद: Hindi Translation - Azizul Haq Al-Omari

وَلَنَبۡلُوَنَّكُم بِشَيۡءٖ مِّنَ ٱلۡخَوۡفِ وَٱلۡجُوعِ وَنَقۡصٖ مِّنَ ٱلۡأَمۡوَٰلِ وَٱلۡأَنفُسِ وَٱلثَّمَرَٰتِۗ وَبَشِّرِ ٱلصَّٰبِرِينَ ١٥٥

तथा निश्चय हम तुम्हें भय और भूख तथा धनों, प्राणों और फलों की कमी में से किसी न किसी चीज़ के साथ अवश्य आज़माएँगे। और (ऐ नबी!) सब्र करने वालों को शुभ समाचार सुना दें।

तफ़सीर

हम अनेक प्रकार की विपत्तियों के साथ तुम्हें ज़रूर आज़माएँगे; अपने दुश्मनों के कुछ भय के साथ, भोजन की कमी के कारण भूख के साथ, धन के समाप्त हो जाने या उसे प्राप्त करने की कठिनाई के कारण धन की कमी के साथ, लोगों को नष्ट करने वाली आपदाओं के कारण या अल्लाह के मार्ग में शहीद होने के कारण जानों के नुक़सान के साथ, तथा उन फलों की कमी के साथ जिन्हें धरती उगाती है। ऐसे में - ऐ नबी! - इन विपत्तियों पर धैर्य रखने वालों को उस चीज़ की शुभ सूचना सुना दें, जिससे उन्हें दुनिया एवं आख़िरत में प्रसन्नता हासिल होगी।

ٱلَّذِينَ إِذَآ أَصَٰبَتۡهُم مُّصِيبَةٞ قَالُوٓاْ إِنَّا لِلَّهِ وَإِنَّآ إِلَيۡهِ رَٰجِعُونَ ١٥٦

वे लोग कि जब उन्हें कोई मुसीबत पहुँचती है, तो कहते हैं : निःसंदेह हम अल्लाह के हैं और निःसंदेह हम उसी की ओर लौटने वाले हैं।

तफ़सीर

जब उनपर इन विपत्तियों में से कोई विपत्ति आती है, तो वे अल्लाह के निर्णय के प्रति संतोष और समर्पण के साथ कहते हैं : निःसंदेह हम अल्लाह के हैं, वह हमारे साथ जैसा चाहता है, व्यवहार करता है। तथा निःसंदेह हम क़ियामत के दिन उसी की ओर लौटने वाले हैं। क्योंकि उसी ने हमें पैदा किया और हमें विभिन्न प्रकार की नेमतें प्रदान कीं, तथा उसी की तरफ़ हमारा लौटना और हमारे मामले का अंत है।

أُوْلَٰٓئِكَ عَلَيۡهِمۡ صَلَوَٰتٞ مِّن رَّبِّهِمۡ وَرَحۡمَةٞۖ وَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡمُهۡتَدُونَ ١٥٧

यही लोग हैं जिनपर उनके रब की ओर से कई कृपाएँ तथा बड़ी दया है, और यही लोग मार्गदर्शन पाने वाले हैं।

तफ़सीर

इस विशेषता के मालिक लोगों के लिए फ़रिश्तों की सर्वोच्च सभा में अल्लाह की ओर से प्रशंसा है, तथा उनपर रहमत उतरती है और यही लोग सत्य के मार्ग पर निर्देशित हैं।

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सवाल-जवाब

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन क़ुरआन में कहां है?

इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन सूरह Al-Baqarah, 2:155-157 में है।