۞ أَلَمۡ تَرَ إِلَى ٱلَّذِينَ بَدَّلُواْ نِعۡمَتَ ٱللَّهِ كُفۡرٗا وَأَحَلُّواْ قَوۡمَهُمۡ دَارَ ٱلۡبَوَارِ ٢٨
क्या आपने उन लोगों13 को नहीं देखा, जिन्होंने अल्लाह की नेमत को नाशुक्री से बदल दिया और अपनी जाति को विनाश के घर में ला उतारा।
फ़ुटनोट
13 अर्थात मक्का के मुश्रिक, जिन्होंने आपका विरोध किया। (देखिए : सह़ीह़ बुख़ारी : 4700)
तफ़सीर
आपने क़ुरैश के उन लोगों का हाल देख लिया जिन्होंने अल्लाह और उसके रसूल का इनकार किया, जब उन्होंने 'हरम' में सुरक्षा प्रदान करने और उनके बीच मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को नबी बनाकर भेजने की अल्लाह की नेमत को बदल डाला। उन्होंने उसके बदले उसकी नेमतों की नाशुक्री करते हुए मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के अपने पालनहार की ओर से लाए हुए धर्म को झुठला दिया और अपनी जाति के उन लोगों को विनाश के घर में ला उतारा, जिन्होंने कुफ़्र में उनका पालन किया।