सूरह Fussilat, आयत 43

41:43

مَّا يُقَالُ لَكَ إِلَّا مَا قَدۡ قِيلَ لِلرُّسُلِ مِن قَبۡلِكَۚ إِنَّ رَبَّكَ لَذُو مَغۡفِرَةٖ وَذُو عِقَابٍ أَلِيمٖ ٤٣

आपसे वही कहा जा रहा है, जो आपसे पहले के रसूलों से कहा जा चुका है।14 निःसंदेह आपका पालनहार निश्चय बड़ी क्षमा वाला और बहुत दुःखदायी यातना वाला है।

फ़ुटनोट

14 अर्थात उन्हें जादूगर, झूठा तथा कवि इत्यादि कहा गया। (देखिए : सूरतुज़्-ज़ारियात, आयत : 52-53)

तफ़सीर

(ऐ रसूल) आपके संबंध में भी वही झुठलाने की बातें कही जा रही हैं, जो आपसे पहले के रसूलों के बारे में कही जा चुकी हैं। अतः, आप धैर्य रखें। क्योंकि आपका पालनहार अपने तौबा करने वाले बंदों को क्षमा करने वाला और तौबा न करने वालों तथा अपने गुनाह पर अड़े रहने वालों को कठोर सज़ा देने वाला है।