وَمِنۡ ءَايَٰتِهِۦٓ أَنَّكَ تَرَى ٱلۡأَرۡضَ خَٰشِعَةٗ فَإِذَآ أَنزَلۡنَا عَلَيۡهَا ٱلۡمَآءَ ٱهۡتَزَّتۡ وَرَبَتۡۚ إِنَّ ٱلَّذِيٓ أَحۡيَاهَا لَمُحۡيِ ٱلۡمَوۡتَىٰٓۚ إِنَّهُۥ عَلَىٰ كُلِّ شَيۡءٖ قَدِيرٌ ٣٩
तथा उसकी निशानियों में से है कि आप धरती को सूखी हुई (बंजर) देखते हैं। फिर जब हम उसपर बारिश बरसाते हैं, तो वह हरित हो जाती है और बढ़ने लगती है। निःसंदेह जिस (अल्लाह) ने उसे जीवित किया, वह मुर्दों को अवश्य जीवित करने वाला है। निःसंदेह वह हर चीज़ पर समार्थ्यवान् है।
तफ़सीर
अल्लाह की महानता, उसके एकत्व और दोबारा जीवित करके उठाने की क्षमता की निशानियों में से यह भी है कि तुम धरती को पौधों से खाली और बंजर देखते हो, फ़िर जैसे ही हम उसमें बारिश का जल उतारते हैं, वह अपने गर्भ में छिपे बीजों के बढ़ने के कारण हरकत में आ जाती है और लहलहा उठती है। निश्चित रूप से जिसने इस मरी हुई धरती में पौधे उगाकर उसे जीवित कर दिया, वह मरे हुए लोगों को भी जीवित कर सकता है और उन्हें हिसाब-किताब और बदले के लिए उठा सकता है। निश्चय अल्लाह हर चीज़ की शक्ति रखता है। न उसके लिए मरी हुई धरती को जीवित करना कुछ मुश्किल है न मरे हुए लोगों को जीवित करके क़ब्रों से उठाना।