सूरह Fussilat, आयत 30

41:30

إِنَّ ٱلَّذِينَ قَالُواْ رَبُّنَا ٱللَّهُ ثُمَّ ٱسۡتَقَٰمُواْ تَتَنَزَّلُ عَلَيۡهِمُ ٱلۡمَلَٰٓئِكَةُ أَلَّا تَخَافُواْ وَلَا تَحۡزَنُواْ وَأَبۡشِرُواْ بِٱلۡجَنَّةِ ٱلَّتِي كُنتُمۡ تُوعَدُونَ ٣٠

निःसंदेह जिन लोगों ने कहा : हमारा पालनहार केवल अल्लाह है, फिर उसपर मज़बूती से जमे रहे9, उनपर फ़रिश्ते उतरते10 हैं कि भय न करो और न शोकाकुल हो तथा उस जन्नत से खुश हो जाओ, जिसका तुमसे वादा किया जाता था।

फ़ुटनोट

9 अर्थात प्रत्येक दशा में आज्ञापालन तथा एकेश्वरवाद पर स्थिर रहे।

10 उनके मरण के समय।

तफ़सीर

निश्चय जिन लोगों ने कहा कि हमारा पालनहार अल्लाह है, उसके सिवा हमारा कोई पालनहार नहीं है, और उसके आदेशों के पालन तथा उसके निषेधों से बचने में दृढ़ता दिखाते रहे, उनके पास मौत के समय फ़रिश्ते उतरते हैं और कहते हैंः तुम मौत तथा मौत के बाद के मरहलों के विषय में भय न करो, और जो कुछ दुनिया में छोड़ आए हो, उसपर ग़म न करो, तथा उस जन्नत की ख़ुशख़बरी ले लो, जिसका बचन तुम्हें दुनिया में, ईमान और नेक कर्म के बदले में दिया जाता रहा है।