सूरह Fussilat, आयत 31

41:31

نَحۡنُ أَوۡلِيَآؤُكُمۡ فِي ٱلۡحَيَوٰةِ ٱلدُّنۡيَا وَفِي ٱلۡأٓخِرَةِۖ وَلَكُمۡ فِيهَا مَا تَشۡتَهِيٓ أَنفُسُكُمۡ وَلَكُمۡ فِيهَا مَا تَدَّعُونَ ٣١

हम सांसारिक जीवन में भी तुम्हारे सहायक हैं तथा आख़िरत में भी,और तुम्हारे लिए उस (जन्नत) में वह कुछ है, जो तुम्हारे दिल चाहेंगे तथा उसमें तुम्हारे लिए वह कुछ है, जिसकी तुम माँग करोगे।

तफ़सीर

हम सांसारिक जीवन में तुम्हारे सहायक थे। यही कारण है कि तुम्हें सही रास्ता दिखाते थे और तुम्हारी सुरक्षा करते थे। तथा आख़िरत में भी तुम्हारे सहायक हैं। इस तरह तुम्हें हमारा सहयोग हमेशा प्राप्त रहेगा। तुम्हें जन्नत में मज़े और आनंद की वह सारी चीज़ें मिलेंगी, जो तुम्हारे दिल चाहें और वहाँ तुम्हारी पसंद की वह सारी चीज़ें उपस्थित होंगी, जिनकी तुम इच्छा व्यक्त करो।