सूरह Az-Zukhruf, आयत 23

43:23

وَكَذَٰلِكَ مَآ أَرۡسَلۡنَا مِن قَبۡلِكَ فِي قَرۡيَةٖ مِّن نَّذِيرٍ إِلَّا قَالَ مُتۡرَفُوهَآ إِنَّا وَجَدۡنَآ ءَابَآءَنَا عَلَىٰٓ أُمَّةٖ وَإِنَّا عَلَىٰٓ ءَاثَٰرِهِم مُّقۡتَدُونَ ٢٣

तथा इसी प्रकार, हमने आपसे पूर्व जिस बस्ती में भी कोई सावधान करने वाला भेजा, तो वहाँ के संपन्न लोगों ने यही कहा कि निःसंदेह हमने अपने बाप-दादा को एक रीति पर पाया और निःसंदेह हम उन्हीं के पद्चिह्नों का अनुसरण करने वाले हैं।8

फ़ुटनोट

8 आयत का भावार्थ यह है कि प्रत्येक युग के काफ़िर अपने पूर्वजों के अनुसरण के कारण अपने शिर्क और अंधविश्वास पर क़ायम रहे।

तफ़सीर

जिस तरह इन लोगों ने झुठलाया और अपने बाप-दादा का अनुकरण करने को तर्क बनाया, उसी तरह (ऐ रसूल) हमने आपसे पहले जिस बस्ती में भी किसी रसूल को उसकी जाति के लोगों को सावधान करने के लिए भेजा, तो उनके समृद्ध प्रमुखों तथा बड़े लोगों ने कहा : हमने अपने बाप-दादा को एक धर्म और एक मार्ग पर पाया है और हम उन्हीं के पदचिह्नों पर चल रहे हैं। अतः आपकी जाति इस मामले में कोई अनूठी नहीं है।