सूरह At-Tawbah, आयत 10

9:10

لَا يَرۡقُبُونَ فِي مُؤۡمِنٍ إِلّٗا وَلَا ذِمَّةٗۚ وَأُوْلَٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡمُعۡتَدُونَ ١٠

वे किसी ईमान वाले के बारे में न किसी रिश्तेदारी का सम्मान करते हैं और न किसी वचन का, और यही लोग सीमाओं का उल्लंघन करने वाले हैं।

तफ़सीर

वे अपनी शत्रुता के कारण किसी मोमिन के बारे में अल्लाह का, या किसी रिश्तेदारी, या किसी प्रतिज्ञा का सम्मान नहीं करते हैं। वे अल्लाह की सीमाओं का उल्लंघन करने वाले हैं; क्योंकि वे अन्याय और आक्रामकता की विशेषता रखते हैं।