وَمَا صَاحِبُكُم بِمَجۡنُونٖ ٢٢
और तुम्हारा साथी कोई दीवाना नहीं हैं।
तफ़सीर
मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम, जो तुम्हारे साथ रहते हैं और जिनके विवेक, अमानतदारी और सच्चाई से तुम ख़ूब परिचित हो, कोई दीवाने नहीं हैं, जैसा कि तुम्हारा झूठा दावा है।
وَمَا صَاحِبُكُم بِمَجۡنُونٖ ٢٢
और तुम्हारा साथी कोई दीवाना नहीं हैं।
मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम, जो तुम्हारे साथ रहते हैं और जिनके विवेक, अमानतदारी और सच्चाई से तुम ख़ूब परिचित हो, कोई दीवाने नहीं हैं, जैसा कि तुम्हारा झूठा दावा है।