صِرَٰطِ ٱللَّهِ ٱلَّذِي لَهُۥ مَا فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَا فِي ٱلۡأَرۡضِۗ أَلَآ إِلَى ٱللَّهِ تَصِيرُ ٱلۡأُمُورُ ٥٣
उस अल्लाह की राह की ओर कि जो कुछ आकाशों में है और जो कुछ धरती में है, उसी का है। सुनो! सभी मामले अल्लाह ही की ओर लौटते हैं।
तफ़सीर
उस अल्लाह का मार्ग कि जो कुछ आकाशों में हैं और जो कुछ धरती पर है, रचना, स्वामित्व और प्रबंधन में उसी का है। अनिवार्य रूप से, सभी मामले अपनी नियति और प्रबंधन में अकेले अल्लाह की ओर लौटते हैं।