सूरह Ash-Shu'ara, आयत 81

26:81

وَٱلَّذِي يُمِيتُنِي ثُمَّ يُحۡيِينِ ٨١

तथा वह जो मुझे मारेगा, फिर14 मुझे जीवित करेगा।

फ़ुटनोट

14 अर्थात प्रलय के दिन अपने कर्मों का फल भोगने के लिए।

तफ़सीर

तथा केवल वही है, जो मुझे मृत्यु देगा जब मेरी जीवन-अवधि समाप्त होगी, फिर मेरे मरने के पश्चात मुझे जीवित करेगा।